
सलमान की फिल्म वीर पिट गई। काफी मेहनत से बनाई गई और सलमान की महत्वकांक्षी फिल्म थी वीर । जाहिर सी बात है बहुत दुखी होंगे सल्लू। उनकी फैन होने के कारण मैं भी बहुत दुखी हुई । खैर ये तो फिल्म की बात हुई। वास्तविक जीवन में भी कई ऐसे वीर हुए हैं, जिन्हें कोई याद तो क्या करेगा ? जिनके बारे में कोई जानता भी नहीं है। उनकी वीरता भी पिट गई है शायद ।
बिहार के मुंगेर जिले में स्थित रामपुर गांव। लगभग 50...60 साल पहले की घटना है । गांव के नजदीक ही पानी के कुऐं की खुदाई चल रही थी। अनेक मजदूर काम कर रहे थे। जहां खुदाई का काम चल रहा था ,उससे थोड़ी दूरी पर ही रेल की पटरी गुजरती थी। 50...100 मीटर ही खुदाई हो चुकी थी। कुऐं के अंदर 10 मजदूर खुदाई में लगे थे। तभी अचानक कुऐं के चारों ओर से मिट्टी तेजी से झडने लगी और वापस कुऐं में गिरने लगी।पटरी पर रेलगाड़ी आने के कारण जमीन हिलने से मिटटी शायद तेजी से झड अंदर काम कर रहे मजदूरों पर गिरने लगी । मजदूरों में कोलाहल मच गया। अंदर से मजदूरों को निकालने के लिए रस्सी से बंधी पटरी डाली गई। 9 मजदूर एक दूसरे से पहले निकलने के लिए धक्का मुक्की हर रहे थे। जबकी उनमें से एक मजदूर दीवार थाम कर मिट्टी गिरने की रफ्तार कम करने की कोशिश कर रहा था। 9 मजदूरों को निकाला जा चुका था ।लेकिन जब तक 10 वें मजदूर की बारी आती, तब तक धरती उसे अपने आगोश में ले चुकी थी। मिट्टी गिरने की रफ्तार कम कर उसने अपने 9 साथियों को तो बचा लिया, लेकिन खुद की जान नहीं बचा सका।

आज भी पूरे रामपुर गांव में उसकी वीरता के किस्से सुने और सुनाए जाते हैं। लेकिन उस बहादुर का किस्सा उसके गांव में ही रह गई। देश तो क्या पूरे बिहार में भी लोग शायद ही उसके बारे में जानते हों। ये तो एक वीर की बात है ऐसे ना जाने कितने वीर हैं जो इतिहास में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके ।उनकी वीरता भी पिट गई शायद।