Saturday, May 8, 2010

पार्लियामेंट में सांस छोड़ती नैतिकता

पार्लियामेंट,जहां हमारे देश  के प्रतिनिधि जाते हैं। जो हमारे देश का गौरव है।जिससे हमारे देश की छवि बनती है। वहीं पिछले कुछ दिनों में हमारे प्रतिनिधियों को बच्चों की तरह झगड़ते देखा गया । कभी सुदीप बंदोपाध्याय और वासुदेव आचार्य के बीच तना तनी हुई तो कभी भाजपा नेता अनंत कुमार सरेआम लालू को देशद्रोही कह गए। इस तरह की घटनाऐं कहीं ना कहीं हमारे देश की अस्मिता पर चोट पहुंचाती है।
संसद का बजट सत्र शुक्रवार को सम्पन्न हो गया। इस सत्र में हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में काफी बाधाऐं आईं। आपत्तिजनक टिप्पनियों के तीन मामले इस सत्र में उठे। लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार और राज्यसभा स्पीकर हामिद अंसारी दोनों ने इसे गंभीर मसला बताया। हंगामें के कारण जहां लोकसभा के 69 घंटे 51मिनट बेकार हुए वहीं राज्यसभा के 40 घंटे हंगामें की भेंट चढ़ गए। संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी इस विषय पर गहरी चिंता जताई।

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